रामगंज के पाठक का पुरवा गांव निवासी कलावती शुक्रवार को नवजात शिशु का शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने गांव के तीन लोगों पर भूमि विवाद के चलते गर्भवती बहू से मारपीट का आरोप लगाया और न्याय की मांग रखी। पीड़िता का कहना है कि मारपीट में लगी चोटों से बहू का गर्भपात हो गया। बहू जिला अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका उपचार चल रहा है। कलावती अपने छोटे बेटे रामशंकर के साथ गौरीगंज स्थित एसपी कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने बताया कि छह जनवरी को गांव में भूमि विवाद के कारण उनके बेटे के साथ मारपीट हुई थी। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसे बांधकर लटकाया और पीटा। इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई, मगर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के बाद आरोपी पक्ष नाराज हो गया। बृहस्पतिवार को वही लोग उनकी गर्भवती बहू से उलझ पड़े और मारपीट शुरू कर दी। मारपीट के दौरान बहू के पेट में गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद तेज दर्द शुरू हो गया। परिजन उसे तत्काल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की पुष्टि की। इस घटना से परिवार सदमे में आ गया। कलावती का आरोप है कि घटना के बाद जब वह थाने पहुंचीं तो प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। चिकित्सकीय परीक्षण की बात कहकर उन्हें टाल दिया गया। इसी पीड़ा के चलते वह नवजात शिशु का शव लेकर एसपी कार्यालय पहुंचीं और कार्रवाई की मांग की। क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि छह जनवरी की घटना के बाद दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की आशंका में निरोधात्मक कार्रवाई की गई थी। प्रारंभिक जांच में पिटाई से गर्भस्थ शिशु की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामले में रवि, जेठूराम और शिवकुमार के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है। नवजात शिशु के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। जांच के बाद मामले में विधिक कार्रवाई की जाएगी।