डीएपी और नहरों में पानी नहीं आने से नाराज किसानों का गुस्सा बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में दिखा। किसानों ने मौजूद अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाई। किसानों ने अपनी समस्याओं के निस्तारण की बात कही। किसान नेता हरीश सिंह चुन्नू ने कहा कि इस समय गेंहू सहित तिलहन व दलहन की फसलों की बोआई का समय चल रहा है। किसान डीएपी के लिए भटक रहे हैं। समितियों व इफको केंद्रों पर डीएपी नहीं है। निजी दुकानों से किसान 1600 से 1800 रुपये प्रति बोरी डीएपी खरीदने को मजबूर हैं। नहरों में सिल्ट सफाई के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार का खेल किया जा रहा है। नहरों में टेल तक कभी पानी नहीं पहुंचता है। किसान दुर्गा शंकर मिश्र ने पशु टीकाकरण को लेकर विभाग पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा कि टीकाकरण अप्रशिक्षित लोग कर रहे हैं, कई बार शिकायत के बावजूद मवेशियों का टीकाकरण नहीं किया गया। किसान राकेश मिश्र ने निराश्रित गोवंशों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निराश्रित गोवंश किसानों की फसलें खराब कर रहे हैं। इसके संरक्षण के लिए कोई भी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। लगातार शिकायत के बावजूद सिर्फ खाना पूरी की जा रही है। इसके साथ ही गेंहू के बीज नहीं मिल पाने आदि की समस्याओं को किसानों ने प्रमुखता से उठाया। इस दौरान उपकृषि निदेशक सतेंद्र तिवारी, जिला विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्र सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।