संयुक्त जिला अस्पताल में लगी एक्सरे मशीन के सॉफ्टवेयर में चार दिनों से दिक्कत आने की वजह से एक्सरे बंद है। ऐसे में प्रतिदिन 150 मरीजों का एक्सरे नहीं हो पा रहा है। गंभीर मरीजों को बाहर से एक्सरे कराने का मजबूर होना पड़ रहा है। संयुक्त जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन लगी थी। जिलेभर के अधिकांश मरीज जिला अस्पताल में एक्सरे करने आते हैं। कर्मियों के अनुसार प्रतिदिन 150 से 200 मरीजों के 300 से 400 एक्सरे होते हैं। बुधवार दोपहर बाद एक्सरे मशीन के सॉफ्टवेयर में खराबी आ गई। इसके बाद एक्सरे बंद हो गया। शनिवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में दिखाने आए राम सरन ने बताया कि वह गिर गए थे। उनके हाथ में चोट लग गई है। चिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने केवल दवा लिख दी है, कहा कि अभी एक्सरे मशीन खराब है, सोमवार को आना तो एक्सरे करवा लेना। विजय लक्ष्मी ने बताया कि उनके दाहिने हाथ में चोट लगने से कलाई में सूजन आ गई है, तेज दर्द हो रहा है। एक्सरे तो नहीं हुआ, चिकित्सक ने दवा देने संग गर्म पट्टी बांधने को कहा है। भोला शंकर, पूनम और किरन ने बताया कि चिकित्सक ने दवा देने संग एक्सरे करवाने की सलाह दी है। कहा कि एक्सरे नहीं हो पाया। प्राइवेट एक्सरे करवाना पड़ेगा। अपने एक वर्ष के बेटे वैभव को लेकर अस्पताल पहुंची भारती ने बताया कि बेटे के हाथ में प्लास्टर लगा हुआ था। प्लास्टर कट गया है। एक्सरे करवाकर चिकित्सक को दिखाना था। एक्सरे नहीं हो पाया। चिकित्सक डॉ. हनुमान प्रसाद ने बताया कि मशीन में खराबी के कारण मरीजों का एक्सरे नहीं हो पा रहा है। जो गंभीर हैं उन्हें कच्चा प्लास्टर चढ़वा कर सोमवार को बुलाया गया है। ठीक हुई एक्सरे मशीन सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि एक्सरे मशीन के सॉफ्टवेयर में खराबी आ गई थी। सुबह से ऑनलाइन इंजीनियर सॉफ्टवेयर ठीक करने में लगे थे। बताया कि दो बजे के बाद एक्सरे मशीन ठीक हो गई है। सोमवार से मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।