मुंशीगंज थाना क्षेत्र के त्रिलोकपुर गांव निवासी स्व. रामनरेश की 14 वर्षीय पुत्री एवं कक्षा आठ की छात्रा निर्मला सरोज की मंगलवार सुबह झटका मशीन के तार की चपेट में आने से मौत हो गई। घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सहेली के साथ आम बीनने गई किशोरी की मौके पर ही जान चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार निर्मला सुबह करीब आठ बजे पड़ोस में रहने वाली अपनी सहेली मधु पुत्री मुंशीलाल के साथ गांव के बाहर स्थित बाग में आम बीनने गई थी। रास्ते में खेतों की घेराबंदी के लिए लगाए गए झटका मशीन के तार की चपेट में आ गई। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए लगाए गए बिजलीयुक्त तार कई बार खतरे का कारण बन जाते हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है। निर्मला के पिता रामनरेश की दो वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। वह दो भाइयों और तीन बहनों में एक थी। परिवार पहले से ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा था। बेटी की मौत से परिजनों पर एक और बड़ा संकट आ गया है। सूचना पर पहुंची मुंशीगंज पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। थानाध्यक्ष शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।