बेनीपुर गांव स्थित 50 शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय खुद बीमार हैं। यहां पर चिकित्सक तो है, दवाओं का संकट है। ऐसे में मरीजों का इलाज नहीं हो पाने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आयुर्वेदिक, यूनानी, होम्योपैथिक, पंचकर्म, प्राकृतिक पैथी, योगा सिद्धा आदि विधाओं को पुनर्जीवित करते हुए बेनीपुर में 50 शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय संचालित है। अस्पताल में संसाधनों का अभाव है। सोमवार को आयुर्वेद में सिर्फ गठिया, बवासीर, चर्मरोग, शुगर, वीपी, बुखार, यूरिन इंफेक्शन सहित किसी भी प्रकार के रिष्ट नहीं मिली। यूनानी विधा में भी बवासीर, गुर्दा सहित कई दवाएं फार्मेसी में नहीं हैं। वहीं, होम्योपैथिक विधा में दवाई तो पर्याप्त हैं, जिनसे अस्पताल आने वाले मरीजों का उपचार संभव हो पा रहा है। दोनों विधाओं में दवाएं नहीं होने से ओपीडी में पहले जहां दो सौ से अधिक की ओपीडी होती थी, अब वहीं घटकर 100 पर पहुंच गई है। दवाएं नहीं होने से मरीजों को सिर्फ निराशा ही मिल रही है। बंद मिली पैथोलॉजी: एकीकृत आयुष हॉस्पिटल में पैथोलॉजी लैब है। यहां तैनात एलटी अंकित कुमार अवकाश पर हैं। वहीं सहायक करीब 10 बजे तक अस्पताल नहीं पहुंची थी, जिससे लैब का ताला बंद मिला। यूनानी और आयुर्वेद में भी देर से पहुंचे चिकित्सक: आयुर्वेद विभाग में तीन चिकित्सकों की तैनाती है। जिसमें एक चिकित्सक अवकाश पर हैं। वहीं अन्य दो चिकित्सक 10 बजे के बाद ओपीडी में पहुंचे। इसके अलावा यूनानी विभाग में तैनात मात्र एक चिकित्सक भी ओपीडी में देर से पहुंचे। किया गया पत्राचार: अस्पताल के नोडल व प्रभारी डॉ. शिवेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि दवाओं के संबंध में पत्राचार किया गया है। यह भी है दिक्कत - ऑपरेशन थिएटर का आंशिक रूप से इन्स्टॉलेशन कराकर ऑपरेशन किया जा रहा है। लेकिन, विद्युत व्यवस्था सही नहीं होने से समस्या आ रही है। - अस्पताल ग्रामीण क्षेत्र में होने के चलते ओपीडी के समय अस्पताल में बमुश्किल कुछ घंटे विद्युत आपूर्ति मिल पाती है। ऐसे में समस्या आ रही है। - यहां पर बिजली व पीने के पानी की भी समस्या है। परिसर में वॉटर कूलर नहीं है। प्रभारी सीएमएस के भरोसे है अस्पताल एकीकृत आयुष अस्पताल सीएमएस विहीन है। यहां तैनात रहे सीएमएस डॉ. फारुख नूरी का स्थानांतरण होने के बाद सीएमएस की तैनाती नहीं हो पाई है। यहां पर इन्हौना अस्पताल के प्रभारी डॉ. मोहम्मद कासिफ को सीएमएस की जिम्मेदारी दी गई है। बढ़ाई जाएं सुविधाएं: अस्पताल में इलाज कराने आए अरुण कुमार ने बताया कि उन्हें पेट संबंधी समस्या है। वहीं प्रदीप ने बताया कि पेट के साथ अन्य समस्या है। पत्नी काे भी दिखाना है। बताया कि होम्यो विभाग में दिखाने जा रहे हैं। वहीं अन्य दो मरीजों ने बताया कि अस्पताल में व्यवस्थाएं तो ठीक हैं लेकिन, आयुर्वेदिक दवाई नहीं मिल पा रही है। एक अन्य मरीज ने बताया कि गठिया रोग से पीड़ित हैं। कई दवाएं अस्पताल में नहीं हैं। बाहर से खरीदना मजबूरी है। जल्द दुरुस्त होंगी व्यवस्थाएं प्रभारी सीएमएस डॉ. मोहम्मद कासिफ ने बताया कि अस्पताल में दवाएं कम हैं। आयुष मिशन से दवाएं मिलना शुरू हो गई है। बताया कि आयुर्वेद और यूनानी विधा में फरवरी के अंत तक पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हो जाएंगी।