देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर चल रही राष्ट्रव्यापी मुहिम को अमेठी का भी समर्थन मिला है। पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से तुर्की के बायकॉट और अपनी सांसद पेंशन भारतीय सेना कोष में दान करने के फैसले के बाद शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश अग्रहरि भी समर्थन में आगे आए। राजेश ने स्मृति ईरानी के कदम का समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रहित में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने व्यापारियों और उद्यमियों से आह्वान किया कि वे देश के साथ खड़े हों और चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी उत्पादन को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यह अच्छा फैसला है। राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए। व्यापारी के डीएनए में देशभक्ति कूट-कूट कर भरी होती है। चाहे मुगल काल हो, अंग्रेजों का शासन या आज का समय। अब तुर्की और चीन को व्यापारिक स्तर पर जवाब देने का समय है। उन्होंने अपील की है कि व्यापारी अपनी उत्पादकता बढ़ाएं और विदेशी खासकर चीनी माल को बाजार से बाहर करें।