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VIDEO : Amethi: जिम्मेदार अंजान, निजी फर्म के खाते में पहुंच गई तीन ग्राम पंचायतों की विकास निधि

ग्राम पंचायत के विकास के लिए शासन से आवंटित जिम्मेदारों के जानकारी के बगैर एक इंटरप्राइजेज के खाते में अंतरित होने का खुलासा बुधवार को हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद विकास महकमें में हड़कंप मच गया। सचिव की तहरीर पर फर्म संचालक पर केस दर्ज करवाते हुए खातों पर रोक लगाते हुए जिम्मेदार मामले की जांच में जुटे है। विकास खंड बाजार शुकुल की ग्राम पंचायत तेंदुआ, संसारपुर व खेममऊ में सचिव के पद पर जितेंद्र बहादुर सिंह कार्यरत हैं। मंगलवार की शाम 6:01 पर उनके मोबाइल फोन पर ग्राम पंचायत के विकास निधि खाते से तीन लाख व तीन लाख बीस हजार अंतरित होने का संदेश आया। बिना डोंगल लगाए केंद्रीय वित्त व ग्राम निधि प्रथम की धनराशि अंतरित होने का संदेश देख सचिव के होश उड़ गए। सचिव ने मामले की जानकारी ग्राम प्रधान खेममऊ सरजू पाल, तेंदुआ प्रधान दान बहादुर गुप्ता तथा संसारपुर प्रधान अनीता देवी को दी। जानकारी के बाद बुधवार सुबह सभी बैंक गए। बैंक से खाता लेखा-जोखा निकलवाया तो पता चला कि 28 अक्तूबर से सात जनवरी तक सात बार में तीनों ग्राम पंचायतों से अलग-अलग तिथियों में 17 लाख 91 हजार 950 रुपये इंटरप्राइजेज नाम के एक निजी फर्म के बैंक खाते में अंतरित हुआ है। बिना डोंगल लगाए व जानकारी के ग्राम पंचायत का पैसा अंतरित होने की सूचना सचिव ने बीडीओ को दी तो विभाग में हड़कंप मच गया। इसके बाद बीडीओ के निर्देश पर सचिव ने इंटरप्राइजेज के संचालक के खिलाफ तहरीर दी। एसओ दयाशंकर मिश्र ने बताया कि सचिव की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद मामले में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाता संचालन पर लगाई रोक बीडीओ अंजली सरोज ने बताया कि सचिव की सूचना के बाद तीनों ग्राम पंचायत के खातों के संचालन पर रोक लगवा दी गई है। विकास खंड के सभी ग्राम पंचायतों का स्टेटमेंट मंगवाया गया है। सभी सचिवों से अपनी ग्राम पंचायतों के खातों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। पूरे मामले की जानकारी विभागीय उच्च अधिकारियों को दी गई है। मामले की जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की विस्तृत जांच करवा की जाएगी करवाई डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। एडीओ पंचायत को सचिव की तहरीर पर केस दर्ज करवाने का निर्देश दिया गया है। कैसे ग्राम पंचायत विकास का पैसा बिना जिम्मेदारों के डोगल लगाए निजी फर्म के खातें में अंतरित हो गया, मामले में कौन-कौन संलिप्त है। सभी विंदुओं की विस्तृत जांच होगी। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई करवाई जाएगी।

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