अमेठी सिटी: पूर्व केंद्रीय मंत्री और अमेठी की पूर्व सांसद स्मृति जुबिन इरानी को भाजपा का राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के बाद जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ गया है। नई जिम्मेदारी को स्थानीय संगठन के लिए अहम माना जा रहा है। कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका बढ़ने से अमेठी में भी संगठनात्मक गतिविधियों को नई धार मिलेगी। खासकर 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच उनकी सक्रियता पर पार्टी की नजर रहेगी। स्मृति इरानी का अमेठी से राजनीतिक रिश्ता करीब एक दशक पुराना है। गौरीगंज क्षेत्र के मेदन मवई में उनका मकान भी है। एसआईआर अभियान के दौरान उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज हुआ है। ऐसे में अब वह अमेठी की मतदाता भी हैं। यही वजह है कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी मिलने के बाद जिले से उनका जुड़ाव राजनीतिक तौर पर और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से चुनाव लड़कर उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती दी थी, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। 2019 में उन्होंने राहुल गांधी को पराजित कर सीट भाजपा के खाते में डाली और केंद्र सरकार में मंत्री बनीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस प्रत्याशी से बड़े अंतर से हार मिली। इसके बाद जिले में उनकी सक्रियता पहले की तुलना में कम रही। अब नई जिम्मेदारी से उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में फिर उम्मीद जगी है। संगठन को मिलेगा अनुभव का लाभ भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने कहा कि स्मृति इरानी का राष्ट्रीय महामंत्री बनना अमेठी के लिए गर्व की बात है। कार्यकर्ताओं से उनका हमेशा सीधा संवाद रहा है। उनके अनुभव का लाभ संगठन को मिलेगा। पूर्व जिलाध्यक्ष उमाशंकर पांडेय ने कहा कि वह महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा आएगी और संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी। जिला महामंत्री विषुव मिश्रा ने भी इसे संगठन के लिए महत्वपूर्ण बताया। मई 2026 में स्मृति इरानी ने भाजपा जिला कार्यालय में पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बूथ स्तर की तैयारियों पर चर्चा की थी। ऐसे में नई भूमिका के बाद अमेठी में उनकी सक्रियता बढ़ने की संभावना को लेकर कार्यकर्ता उत्साहित हैं।