अमेठी में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने सोमवार को गौरीगंज तहसील सभागार में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, जमीन विवाद और अपहरण सहित 18 से 20 मामलों की सुनवाई की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान कई ऐसे मामले भी सामने आए, जिनके निस्तारण के निर्देश पिछली बैठक में दिए गए थे। इसके बावजूद शिकायतें दोबारा आयोग के समक्ष पहुंचीं। इस पर डॉ. प्रियंका मौर्या ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही स्पष्ट होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को एक ही मामले में बार-बार आयोग के पास आने की नौबत नहीं आनी चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि तीन से चार पुराने मामलों में सख्त निर्देश देने के बाद भी कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। ऐसे मामलों का वह स्वयं संज्ञान लेंगी और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करेंगी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय दिलाना है। साथ ही सरकार की महिला कल्याण योजनाओं का लाभ भी प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर शिकायतों का प्रभावी समाधान होगा तो महिलाओं को आयोग तक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।