अमेठी में जगदीशपुर क्षेत्र में दो पखवारे पहले आए तेज आंधी-पानी के बाद क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था अब तक पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सकी है। कई गांवों में टूटे बिजली पोल और क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मरों के कारण हजारों लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लगातार शिकायतों के बावजूद आपूर्ति बहाल न होने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। सुबह से दोपहर बाद तक बड़ी संख्या में ग्रामीण थौरी विद्युत उपकेंद्र पर जुटे और विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। भीषण गर्मी में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिजली कर्मचारी सुविधा शुल्क लेकर ही लाइन दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना था कि विभाग की ओर से भेजे गए 70 पोल उपभोक्ताओं को अपने खर्चे पर ढोने पड़े। आरोप लगाया कि एक पोल के लिए करीब 900 रुपये तक वसूले गए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि समस्या का समाधान करने के बजाय कर्मचारियों ने डायल-112 पुलिस बुलाकर उन्हें डराने और फंसाने की कोशिश की। थौरी पावर हाउस से जुड़े भूली नगर, सीनेत का पुरवा, पिछूती, कोटे, नसीराबाद, मांझा, कोनिया, पूरे घासी, ऊंचवा, कचनाव, नया पुरवा और अलीनगर समेत दर्जनों पुरवों की करीब 20 हजार आबादी बिजली संकट से प्रभावित बताई जा रही है। प्रदर्शन के दौरान रमेश मिश्रा, मोहम्मद आरिफ, सुशील मिश्रा, संजय यादव, मनोज मिश्रा, दीनानाथ, रामपाल यादव, सलमान और राजबहादुर यादव समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं, उपखंड अभियंता भैयालाल ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों को दुरुस्त कराने का कार्य जारी है। सुविधा शुल्क वसूले जाने के आरोप निराधार हैं।