खाद, बिजली और सिंचाई के मुद्दों पर गरजे किसान - अधिकारियों की गैरहाजिरी पर जताई नाराजगी -किसान दिवस में पिछली बैठक की समस्याएं लंबित होने का आरोप अमेठी सिटी: जिला मुख्यालय गौरीगंज स्थित विकास भवन सभागार में बुधवार को आयोजित किसान दिवस में किसानों ने खाद, बिजली, सिंचाई और फार्मर रजिस्ट्री समेत कई समस्याओं को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। किसानों ने आरोप लगाया कि पिछली बैठकों में उठाए गए मुद्दों का अब तक समाधान नहीं हुआ है। साथ ही डीएम, सीडीओ समेत वरिष्ठ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। किसान रीता सिंह ने कहा कि वर्ष 2019 से वरासत के मामले लंबित हैं। बटाई पर खेती करने वाले किसानों को खाद लेने के लिए खतौनी और फार्मर रजिस्ट्री मांगी जा रही है, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि पिछली किसान दिवस बैठक में दर्ज कराई गई समस्याओं का भी निस्तारण नहीं हुआ। लगातार बिजली कटौती से सिंचाई प्रभावित हो रही है। रणंजय सिंह ने कहा कि किसान दिवस में वरिष्ठ अधिकारी शामिल नहीं होते, जिससे किसानों की शिकायतों का प्रभावी समाधान नहीं हो पाता। राकेश मिश्र ने खाद की कमी और फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रक्रिया का मुद्दा उठाया। अजय मिश्र ने कहा कि नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है और नहर विभाग की ओर से सफाई व मरम्मत भी नहीं कराई जा रही है। उन्होंने समितियों और इफको केंद्रों पर खतौनी लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसके लिए किसानों को 40 से 50 रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि उसका कोई उपयोग नहीं हो रहा। सुरेंद्र बहादुर सिंह ने अघोषित बिजली कटौती पर रोक लगाने की मांग की। बैठक में मौजूद अधिकारियों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी दी और शिकायतों के समाधान का भरोसा दिलाया। इस मौके पर उप कृषि निदेशक सत्येंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार सिंह निरंजन, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. गोपाल कृष्ण शुक्ल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।