अंबेडकरनगर। अकबरपुर जंक्शन पर काम करने वाले 10 कुलियों को यात्रियों के सामान के साथ ठंड और गलन का भी बोझ उठाना पड़ रहा है। पिछले सात वर्षों से रेलवे प्रशासन की ओर से एक जोड़ी वर्दी भी नसीब नहीं हुई है। यात्रियों के सामान उठाने के बाद अगर किसी यात्री ने अच्छी बख्शीश दे दी तो ठीक, वरना मजदूरी के अलावा इन्हें कोई पूछने भी नहीं जाता। दोपहर की धूप हो या रात की कड़कड़ाती ठंड, इन्हें प्लेटफार्म पर बैठ कर ही यात्रियों की रात ताकनी पड़ती है। संवाद प्रतिनिधि की ओर से इन कुलियों से वार्ता कर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास किया गया, तो उनका गला भर आया। यात्री तो दूर रेलवे की अनदेखी की टीस इन्हें सता रही है। आलम यह है कि इनके आगे रोजी-रोटी का भी संकट है।