देश के सबसे पहले गांधी आश्रम अकबरपुर की पहचान कभी देश के स्वाधीनता संग्राम और यहां तैयार होने वाले उच्च गुणवत्ता के खादी कपड़ों के लिए होती थी, लेकिन आज यह गांधी आश्रम विवादों का अड्डा बन चुका है। अंबेडकरनगर के साथ अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी, जौनपुर समेत सात जनपदों तक फैले इस गांधी आश्रम के आधिपत्य को लेकर विवाद चल रहा है। करीब एक दर्जन कर्मचारी पिछले 13 माह से गांधी आश्रम में प्रदर्शन कर रहे हैं। कई बार प्रशासन ने इस धरने को समाप्त कराने का प्रयास किया, लेकिन पूर्व मंत्री रमेश चंद्र तिवारी और मौजूदा मंत्री शशिभूषण द्विवेदी पर मनमानी करने व भुगतान न करने का आरोप लगातार धरने पर बैठे हैं। वर्ष 2019 तक मंत्री रहे हरिश्चंद्र पाठक की अपील पर डिप्टी रजिस्ट्रार अयोध्या ने पिछले एक साल में हुईं तीन बैठकों को अमान्य किया है। इस आदेश के खिलाफ शशिभूषण द्विवेदी हाईकोर्ट में अपील करने के प्रयास में हैं। मौजूदा परिस्थितियों में बिना प्रशासनिक हस्तक्षेप के कोई हल निकलता नजर नहीं आ रहा है।