सोमवार सुबह 11 बजे जिला अस्पताल का हर कोना मरीजों से भरा नजर आया। ओपीडी के बाहर लंबी कतारें थीं, इमरजेंसी में बेड के साथ स्ट्रेचर मरीजों से भरे थे। जगह न मिलने पर कई मरीज फर्श पर बैठकर या लेटकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। परचा बनवाने से लेकर डॉक्टर को दिखाने, जांच कराने और दवा लेने तक हर काउंटर पर भीड़ का ऐसा दबाव था कि मरीजों के लिए इलाज से ज्यादा चुनौती कतार पार करना बन गई। उमस और गर्मी के बीच घंटों इंतजार करते मरीजों और तीमारदारों की बेबसी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करती नजर आई।