बसखारी क्षेत्र के किछौछा में दो नाबालिग बहनों के अपहरण, धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी राज उर्फ अहमद को शरण देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए अमीरुद्दीन उर्फ मुल्ला के मकान को बृहस्पतिवार शाम प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया है। मूल रूप से आजमगढ़ जिले के रौनापार क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी कि 5 मई 2025 को बाजार गोसाई निवासी राज उर्फ अहमद उनकी 17 और 15 वर्षीय बेटियों को कथित रूप से अपने साथ ले गया। काफी तलाश के बावजूद दोनों का कोई पता नहीं चला। कुछ समय बाद परिजनों को सूचना मिली कि दोनों बहनों को किछौछा में एक किराये के मकान में रखा गया है। शिकायत के बाद एसपी प्राची सिंह के निर्देश पर बेवाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 14 मई को किछौछा के रसूलपुर नई बस्ती से दोनों बहनों को ढूंढ लिया था। 15 वर्षीय किशोरी का नाम बदलकर उससे निकाह किए जाने का भी मामला सामने आया था। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि दोनों बहनों के साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस के अनुसार, छोटी बहन गर्भवती हो गई थी और उसने करीब चार माह पहले एक बच्चे को जन्म दिया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी राज उर्फ अहमद और धर्म परिवर्तन कराने वाले मौलाना अमीरुद्दीन उर्फ मुल्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच के दौरान पता चला कि अमीरुद्दीन उर्फ मुल्ला ने मुख्य आरोपी को नगर पंचायत किछौछा के मोहल्ला नई बस्ती स्थित अपने मकान में शरण दी थी। गिरफ्तारी के बाद प्रशासन ने अमीरुद्दीन के मकान की जांच कराई। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण से संबंधित वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके बाद एसडीएम टांडा संजीव सिंह नगर पंचायत की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद मकान को ध्वस्त करा दिया। एसडीएम ने बताया कि कार्रवाई नियमानुसार की गई है। साथ ही क्षेत्र की अन्य संपत्तियों की भी जांच कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।