शारदीय नवरात्र के अवसर पर अमर उजाला की ओर से आयोजित संवाद कार्यक्रम में महिला साहित्यकारों ने अपने विचार रखे। गीत और कविताओं के माध्यम से नारी की महिमा का बखान किया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं पुरुषों से बराबरी की बात करके अपने को कमतर आंक रही हैं। महिलाओं का सम्मान आदि का काल से ही सर्वोच्च रहा है। कहा गया है जहां नारी की पूजा होती है वहीं देवता वास करते हैं। सृष्टि ही नारी को समर्पित है। पूजा, आरती, निष्ठा, धरती, नदी, प्रकृति सब में स्त्री का रूप है।