वेणी दान पूजा प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर विवाहित जोड़ों, खासकर दक्षिण भारत और महाराष्ट्र के लोगों द्वारा की जाने वाली एक अनोखी रस्म है। जिसमें महिलाए अपने पति की लंबी आयु और सुहाग की लंबी उम्र के लिए अपनी गुंथी हुई चोटी (वेणी) का एक हिस्सा काटकर गंगा, यमुना, सरस्वती को अर्पित करती हैं, जो एक तरह से पति-पत्नी के सात जन्मों के अटूट बंधन का प्रतीक है और इसमें गौरी-गणेश पूजा और जयमाला जैसे विवाह के रस्में भी शामिल होती हैं।