प्रयागराज में जन्मे प्रख्यात बांसुरी वादक हरि प्रसाद चौरसिया का मानना है कि इलाहाबाद (अब प्रयागराज) काफी बदल गया है। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले और अब की तुलना की जाए तो अपना इलाहाबाद बहुत ही खूबसूरत हो गया है। शहर की धड़कन कहे जाने वाले लोकनाथ की गलियों में अब अंधेरा नहीं रहा। पहले जब मैं यहां पढ़ाई करता था तो लगता था कि इन गलियों में फंस गया हूं। हरि प्रसाद चौरसिया ने यह संस्मरण शुक्रवार को बिशप जानसन स्कूल एंड कॉलेज में आयोजित बज्म ए विरासत महोत्सव में साझा की। महोत्सव में हरि प्रसाद ने अपनी बांसुरी का भले ही हुनर न दिखाया हो लेकिन उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की अंग्रेजी विभाग की प्रोफेसर स्मिता अग्रवाल से चर्चा की।