लोक कलाएं कमजोर हुईं तो भारतीय संस्कृति की पहचान मिटने का खतरा पैदा हो जाएगा। कलाओं, गाथाओं, कथाओं में ही हमारी सांस्कृतिक विरासत का अकूत खजाना भरा रहा है। ऐसे में लोक की कला थाती को बचाने, संरक्षित करने के जतन करने होंगे। यह संदेश बृहस्पतिवार को स्वर्ग रंगमंडल की ओर से एनसीजेडसीसी के प्रेक्षागृह में बहुरुपिया नौटंकी के मंचन के जरिए दिया गया। इस प्रस्तुति में रूप बदलने की लोक कला के मर्म को अभिनय के जरिए दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की गई।