श्रीराजगुरु मठ काशी पीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी अनंतानंद सरस्वती प्रयागराज मेले में पहुंचे हैं। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि मानव का शरीर भगवान ने जप, तप, ध्यान साधना और परोपकार के लिए दिया है। कई जन्मों का पुण्य अर्जित होने के बाद मनुष्य का जन्म मिलता है। प्रयागराज के माघ मेले में मानवता की सार्थकता देखी जा सकती है। अनादि काल से माघ के महीने में लाखों करोड़ों श्रद्धालु यहां पर आकर कल्पवास करते हैं। स्नान, दान, ध्यान करके अपने जीवन को सार्थक करते हैं और ईष्ट के प्रति कृत्रज्ञता जाहिर करते हैं। कहा कि जल समुद्र का भी है और नदियों का भी लेकिन नदियों के जल का ही उपयोग किया जाता है। इसलिए मनुष्य तो सभी हैं, लेकिन वही मनुष्य है जो परोपकार, दान और सेवा में विश्वास करता है।