एचआईवी संक्रमित मरीजों के लिए स्टेम सेल थेरेपी नई उम्मीद के रूप में सामने आई है। इससे एचआईवी का कारगर तरीके से इलाज हो सकेगा। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) में आए कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के प्रो. सत्या दांडेकर ने स्टेम सेल थेरेपी व एचआईवी संक्रमण पर शोध प्रस्तुत किया साथ ही अब तक के परिणाम साझा किए। भारतीय प्रतिरक्षा विज्ञान समाज के सहयोग से चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस इम्यूनोकॉन-2025 संस्थान में बुधवार को शुरू हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. सत्या दांडेकर ने एंटीवायरल इम्यूनिटी से इलाज की संभावनाओं एवं इस क्षेत्र में हो रहे शोध की भी विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने कहा कि कहा कि एचआईची संक्रमित मरीजों के लिए दवाइयां तो हैं लेकिन अब तक इस बीमारी का पूर्णत: इलाज संभव नहीं हो पाया है लेकिन स्टेम सेल थेरेपी प्रभावी उपचार के रूप में सामने आया है।