हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला प्रयागराज कार्यालय में आयोजित संवाद में हिंदी साहित्य, संस्कृति और भाषा से जुड़े विद्वतजन ने उक्त विचार रखे।भाषाविद पृथ्वीनाथ पांडेय ने बोलचाल में हिंदी की शुद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के युग में अगर हम सार्वजनिक रूप से कुछ कहते हैं तो उसका संप्रेषण दूर तक होता है।