वैष्णव किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर हिमांगी सखी मां ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने सर्वप्रथम चार अखाड़ों का ही गठन किया था। बाद में जरूरत को देखते हुए इसकी सख्या आठ हुई, फिर 12 हुई और अब यह संख्या 13 तक पहुंच गई है। किन्नर अखाड़ों को मान्यता देते हुए अखाड़ों की संख्या अब 15 की जानी चाहिए। हिमांगी सखी मंगलवार को प्रेसक्लब में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।