बच्चे की प्रथम गुरु मां होती है। मां ही संतान को संस्कार दे सकती है। जिस बच्चे को बाल्यावस्था में ही संस्कार मिल गए उसका कल्याण हो गया है। यह बात श्रीमद्भागवत कथा में संत कार्ष्णि बाल योगी ने व्यक्त किये।
23 September 2026
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