दिवाली पर सुप्रीम कोर्ट के पटाखों पर प्रतिबंध 31 अक्तूबर व 1 नवंबर को शहर में बेअसर दिखे। इस दौरान करीब 150 करोड़ रुपये के पटाखे जिले में छोड़े गए। इससे शहर में वायु और ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ गया। डेजी एनवायरमेंटल टेस्टिंग लैब (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड की गुणवत्ता प्रबंधक डॉ. शकुन सिंह ने बताया कि दिवाली पर हुई आतिशबाजी के चलते पीएम -10 ( पार्टीकुलेट मैटर ) आसमान में बेहद घातक स्तर पर पहुंच गया है।