अलीगढ़ में कहीं रात में तो कहीं सुबह तड़के होलिका दहन हुआ। जिसके बाद लोगों ने जलती होलिका से कंडा, लकड़ी ले जाकर अपने घरों में रखी होलिका का दहन किया। उसके बाद उसमें गेहूं की बाली भून कर मिलने वालों को दीं और होली की शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। उसके बाद रंग, गुलाल से होली खेली गई।