दर्शकों 45 डिग्री तापमान में झुलसे रहे अलीगढ़ के लिए तीन बड़ी और ठंडक पहुंचाने वाली अच्छी खबरें हैं। पहला जिले के दस वेटलैंड काे संरक्षित करने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसमें तीन का नोटिफिकेशन हो गया है। तीन का सर्वे पूरा हो गया है। तीन अन्य का सर्वे होना शेष है। जनवरी 2026 में बिजनौर से शुरू हुई डॉल्फिन की गणना पूरी हो चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2015 तक इन इलाकों में गंगा डॉल्फिन की संख्या महज 22 थी। वर्ष 2016 में यह बढ़कर 30 तक पहुंची और इसके बाद लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2024 में हुई पिछली गणना में इनकी संख्या 52 दर्ज की गई थी। यानी 2015 से 2024 के बीच गंगा डॉल्फिन की संख्या दोगुना से अधिक हो चुकी है। अलीगढ़ की शेखाझील इन दिनों कछुओं की दुनिया से आबाद है। गर्मी के मौसम में यहां मादा कछुए अंडे देने में जुटी हैं। झील के शांत पानी और झाड़ियों के बीच एक ऐसा कछुआ भी रहता है, जिसे वनकर्मी प्यार से ‘सिकंदर’ पुकारते हैं। झील की देखरेख करने वाले वनकर्मी इश्हाक मोहम्मद पिछले 28 वर्षों से इसे देख रहे हैं। उनका कहना है कि यह झील के सबसे पुराने और बड़े कछुओं में शामिल है।