हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे... हरिनाम संकीर्तन की धुन पर एकाकी और अंधकारमय जीवन व्यतीत कर रहीं वृंदावन की विधवा और निराश्रित माताओं ने ठाकुरजी के श्रीचरणों में दीपोत्सव मनाकर अपने अंधकारमय जीवन में प्रकाश भरने का प्रयास किया। मंगलवार की शाम प्राचीन केशीघाट पर रंगबिरंगी रोशनी के बीच सैकड़ों विधवाओं ने दीये जलाए और रंगोली बनाकर दीपोत्सव मनाया। महिलाओं ने भजन-कीर्तन और आराध्य की आरती कर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। महिलाओं ने यमुना की आरती भी की और भजन गाए।