यूपी में पंचायत चुनाव की तैयारियों का बिगुल बज चुका है....योगी सरकार ने पंचायत चुनाव को लेकर कई जरूरी निर्देश दिए हैं...जिसको लेकर हम लगातार अपनी पंचायत चुनाव की इस स्पेशल सीरीज में आपको अहम जानकारी है...पंचायत चुनाव में आरक्षण की क्या प्रक्रिया होगी...पंचायतों के पुनर्गठन के बाद किस जिले में कितनी सीटों को खत्म किया है...और कितनी नई सीटें अस्तित्व में आईं है...इस तरह की तमाम जानकारियां हम आप तक पहुंचा चुके हैं....आज की इस रिपोर्ट में आपको बताएंगे कि आखिर आरक्षण का दायरा क्या होगा..एससी-एसटी, ओबीसी और महिलाओं के लिए कितने प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी,...तो चलिए समझते हैं.
प्रदेश की 57694 ग्राम पंचायतों, 826 क्षेत्र पंचायतों और 75 जिला पंचायतों के लिए अगले साल अप्रैल-मई में चुनाव होने हैं। इसके लिए व्यापक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 1 जनवरी 2025 को जिन युवाओं की उम्र 18 वर्ष हो चुकी है, वे इस चुनाव में वोट देने के योग्य माने जाएंगे। पुराने मतदाताओं का सर्वे और नए मतदाता बनाने के लिए 14 अगस्त से 29 सितंबर तक अभियान चलेगा।
परिसीमन की प्रक्रिया 18 जुलाई से प्रारंभ होगी। जिला पंचायतीराज विभाग के भेजे विस्तृत कार्यक्रम पर शासन ने अपनी मुहर लगा दी है। शहरी क्षेत्रों के विस्तार के कारण पंचायत वार्डों की सीमाएं बदल रही हैं। फाइनल सूची 10 अगस्त तक जारी होंगी.
वहीं पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का काम पूरा कर लिया है। अब अगला चरण सीटों के आरक्षण निर्धारण का है, जिस पर मंथन शुरू हो गया है..
ग्राम सभाओं के नए परिसीमन के चलते कुल 512 ग्राम पंचायतें खत्म हुई हैं, जबकि 11 नई पंचायतों का गठन हुआ है। जहां वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में 58195 ग्राम प्रधान चुने गए थे, वहीं अगले साल होने वाले चुनाव में 57694 ग्राम प्रधान बनेंगे। प्रदेश में अगले साल अप्रैल-मई में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आरक्षण के निर्धारण से पहले ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन का काम पूरा हो चुका है।