आगरा। जन्म से बीमारी, रक्तस्राव और असहनीय दर्द। लंबे समय तक ऐसी स्थिति से जूझने पर भी हीमोफीलिया के मरीजों का हौसला कम नहीं हुआ। जज्बा ही तो है जो बीमारी पर भारी पड़ रहा है। शहर में ऐसे 162 मरीज हैं जो सामान्य जीवन जी रहे हैं। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार ने बताया कि हीमोफीलिया आनुवंशिक विकार है। ये माता-पिता से बच्चों में जीन म्यूटेशन के चलते होती है। इसमें रक्त का थक्का जमाने वाले प्रोटीन की कमी हो जाती है। इससे चोट लगने पर रक्तस्राव होने लगता है, बंद नहीं होता, कई बार फैक्टर की कमी के कारण आंतरिक रक्तस्राव होने लगता है।