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VIDEO: युवाओं में बढ़ रहा लकवा का खतरा.. तनाव, बीपी और खराब लाइफस्टाइल बन रही बड़ी वजह, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

Mon, 18 May 2026 01:43 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

आरएमएल मेडिकल कॉलेज लखनऊ के न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. दीपक कुमार सिंह ने बताया कि लकवा के 20 फीसदी मरीजों की उम्र 50 से कम है। युवाओं में मधुमेह, तनाव, धूम्रपान और उच्च रक्तचाप से लकवा हो रहा है। नौ घंटे में विशेषज्ञ के पास आने पर इंजेक्शन से मरीज की जान बच रही है। पहले 4.30 घंटे का बेहतर समय था। 24 घंटे की स्थिति में मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी विधि से दिमाग तक तार डालकर खून का थक्का निकालते हैं। मोटे बच्चों में बड़े होने पर लकवा का खतरा तीन गुना है। सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अवधेश कुमार जैसवाल ने बताया कि खोपड़ी-रीढ़ की हड्डी का जोड़ खिसकने पर दूरबीन विधि से नाक के जरिये छोटा चीरा लगाकर सर्जरी कर रहे हैं, पहले दिमाग को खोलकर करना पड़ता था। न्यूरोसर्जन डॉ. आरसी मिश्रा ने बताया कि दिमाग में ऐसे ट्यूमर भी मिल रहे हैं, जो कैंसर के न होकर भी घातक हैं। ये ऐसी जगह बनता है, जहां मरीज की सांस चलती है। ऐसी सर्जरी बेहद जटिल हैं।

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