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VIDEO: लोकल फॉर वोकल की मिसाल बनीं शशि और वंदना

पंकज जैन Updated Sat, 18 Jul 2026 05:03 PM IST

आगरा। हौसले बुलंद हों तो तंगहाली भी तरक्की की राह नहीं रोक सकती। इसे सच कर दिखाया है अजीतपुरा की शशि कुमारी और वंदना उप्रेती ने। कभी आर्थिक तंगी से जूझने वाली ये महिलाएं आज न सिर्फ आत्मनिर्भर हैं, बल्कि चीनी उत्पादों के दबदबे वाले आधुनिक बाजार में पारंपरिक कला को जीवित रखकर लोकल फॉर वोकल की जमीन तैयार कर रही हैं। परंपरागत कला बनाम आधुनिक बाजार, शशि की कारीगरी अजीतपुरा निवासी शशि कुमारी के घर की आर्थिक हालत एक समय बेहद खराब थी। पति की मजदूरी से तीन बच्चों का पेट पालना भी मुश्किल था। साल 2019 में वे स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं और मूर्तियों का कारोबार शुरू किया। चीन के सस्ते प्लास्टिक और फैंसी सामान के दौर में, जब पारंपरिक मिट्टी की कला लुप्त हो रही थी, शशि ने इसे जीवित रखा।

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