हेलो, मैं प्रवर्तन निदेशालय से बोल रहा हूं। तुम्हारा नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है। तुम्हें गिरफ्तार किया जाएगा। जिंदगी भर जेल में सड़ोगी...। यह धमकी साइबर अपराधियों ने दयालबाग निवासी सेवानिवृत्त शिक्षिका को दी। उन्हें 9 दिन तक 4 से 5 घंटे के लिए डिजिटल अरेस्ट कर जेल भेजने का डर दिखाया। अपने खाते में 32 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद भी आरोपी कॉल कर धमकाते हुए और रुपयों की मांग करते रहे। धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़िता ने थाना साइबर क्राइम में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एमरल्ड रेजिडेंसी, दयालबाग निवासी 65 वर्षीय लता शर्मा रिटायर्ड शिक्षिका हैं। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ईडी का अधिकारी बताया और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में उनका मोबाइल और खाते का इस्तेमाल होने की बात कही। वह डर गईं तो आरोपी और डराने लगे। वीडियो कॉल कर बात करने लगे। गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने और लंबी जेल काटने की बात कहकर ब्लैकमेल करने लगे। आरोपी 9 दिन तक रोजाना 4 से 5 घंटे तक घर से बाहर नहीं निकलने के लिए मजबूर करते थे। थोड़ी-थोड़ी देर में वीडियो कॉल कर जानकारी लेते थे। नजर रखी जाने की बोलकर धमकाते थे। आरोपी उनके खाने तक की जानकारी लेते थे। किसी को फोन करने पर आतंकियों से पूरे परिवार की हत्या करने का डर दिखाने लगते थे। उन्होंने उनके बैंक खाते समेत पूरे परिवार और आसपास रहने वालों तक की जानकारी ले ली थी। उनसे पूछे बिना कोई काम करने पर गिरफ्तारी की धमकी देते थे। 27 मार्च को आरोपियों ने एक बैंक खाते का नंबर दिया। जांच के नाम पर खाते से रकम भेजने को कहा। दो बार में 32 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करा लिए। इस पर भी नहीं माने। आरोपी बाद में भी लगातार वॉट्सऐप पर वीडियो और ऑडियो कॉल कर परेशान करते रहे। लगातार रकम की मांग किए जाने से वह परेशान हो गईं। थाना साइबर क्राइम पुलिस से शिकायत की।