आगरा के फतेहपुर सीकरी में 34वें ताज महोत्सव की चौथी रात को हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर के बादशाही दरवाजे पर आयोजित कव्वाली कार्यक्रम में चांद निजामी बंधुओं ने ऐसी तान छेड़ी कि श्रोता वाह वाह करते रहे और खूब तालियां बटोरीं। चांद निजामी बंधुओं द्वारा सबसे पहले राम रहीम के मतवालों भाषा के लिए क्यों लड़ते हो, अल्लाह भी हिंदी समझता है, भगवान उर्दू समझे है। फिर इसके बाद अमीर खुसरो का कलाम तिलक छाप सब छीनी तोसे नैना मिला के सुनाया तो लोग उसमें खो ही गए। इसके बाद जोधा अकबर फिल्म की कव्वाली ख्वाजा मेरे ख्वाजा सुनाया, मेरे दिल में समा जा, दिल दिया है जान भी देंगे ए वतन तेरे लिए, इसके बाद जब तेरे रश्क ए कमर, तेरी पहली नज़र कव्वाली से महफिल ही लूट ली। चांद निजामी, गुलफाम निजामी, कामरान निजामी बंधुओं को इश्तियाक अहमद, मो आजम, फैज, मीरान ने संगत दी। संचालन सुशील सरित ने किया। कार्यक्रम में डीआईजी रेंज शैलेश पांडेय, एडिशनल सीपी रामबदन सिंह, पर्यटन विभाग से आकाश दीप, रविकांत गुप्ता, सीए दिलीप सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।