आगरा के थाना मलपुरा के गांव अजीजपुर में रविवार दोपहर नोटिस तामील कराने गए तीन दरोगा और दो सिपाहियों को रिटायर्ड दरोगा ने अपने घर में बंधक बना लिया। उसकी बेटियों ने कमरे में ताला लगा दिया। उसने अपने आरोपी दो बेटों को घर से भगा दिया। इसके बाद टीम से मारपीट शुरू कर दी। पुलिसकर्मियों ने थाना प्रभारी को सूचना दी। फोर्स के साथ पहुंचे प्रभारी निरीक्षक ने पड़ोसियों की मदद से घर में प्रवेश कर टीम को मुक्त कराया। रिटायर्ड दरोगा, उसके बेटे और दो बेटियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अजीजपुर निवासी श्रीराम आर्य सेवानिवृत्त दरोगा है। वह वर्ष 2022 में मैनपुरी से सेवानिवृत्त हुआ है। उसके बेटों सोनू आर्य और दीपक आर्य के खिलाफ 26 जुलाई को गांव के ही रहने वाले दीपक शर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 21 जुलाई की रात को सोनू और दीपक ने उससे और उसके दोस्त अजय से मारपीट की। विरोध पर गाली-गलाैज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसआई कपिल शर्मा ने विवेचना की। मामले में आरोपियों के खिलाफ नोटिस तामील कराने गए मगर हर बार कुछ न कुछ बहाना बनाकर रिटायर्ड दरोगा विवेचक को वापस भेज देता था। रविवार दोपहर को डेढ़ बजे एसआई कपिल शर्मा, एसआई अनीता कश्यप, एसआई सलोनी चाैहान, हेड कांस्टेबल साधना यादव और वीरेश कुमार नोटिस तामील कराने गए थे। आरोप है कि घर पहुंचते ही आरोपियों का पिता श्रीराम आर्य, बहन ममता, सुमन, सीमा और भाई संजय उत्तेजित हो गए। पुलिस टीम के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोपियों को घर से भगा दिया और दरवाजे बंद कर पुलिस टीम को बंधक बना लिया। पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया तो मारपीट की। हंगामा होने पर घर के बाहर भीड़ जुट गई मगर कोई अंदर जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। इस पर पुलिसकर्मियों ने प्रभारी निरीक्षक को फोन से सूचना दी। कुछ ही देर में थाने की फोर्स पहुंच गई। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी नहीं माने। चाैकी प्रभारी अनिल शर्मा सहित अन्य पुलिसकर्मी पड़ोस के घर से आरोपियों के घर में गए। तब करीब 30 मिनट बाद दरवाजा खुलवाकर पुलिसकर्मियों को मुक्त कराया गया।