ताज महोत्सव में बृहस्पतिवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। वीर रस के प्रख्यात कवि डॉ. हरिओम पवार ने अपनी चिर-परिचित शैली में सत्ता के गलियारों और राजनैतिक शुचिता पर करारा तंज कसा। इससे पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। मुक्ताकाशी मंच पर आयोजित कवि सम्मेलन में उन्होंने व्यवस्था की विसंगतियों को उधेड़ा। उन्होंने पढ़ा- कैसे हैं मां तेरे लाल, दिल्ली के दरबार में... सब लगते हैं नटवर लाल, दिल्ली के दरबार में। उनकी इन पंक्तियों ने महोत्सव की रात को एक वैचारिक विमर्श में बदल दिया।