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VIDEO: कूड़े के ढेर से कुंड तक...ऐसा अनादर आखिर क्यों? ब्राह्मण परिषद ने बचाई आस्था की मर्यादा

दिवाली के बाद भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पुरानी व त्यागी गई मूर्तियों के प्रति दिखाए जा रहे अनादर से व्यथित होकर ब्राह्मण परिषद ने एक सराहनीय पहल की। परिषद के सदस्यों ने कालोनियों, गलियों, बगीचों, प्रमुख मंदिरों और पीपल के पेड़ों के नीचे रखी पुरानी मूर्तियों को शहर भर से एकत्र किया और नगर निगम के सहयोग से हाथी घाट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनका सम्मानपूर्वक विसर्जन किया। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील दुबे ने बताया कि वाहनों के माध्यम से पूरे शहर में घूमकर मूर्तियां एकत्र की गईं। इसके बाद यमुना किनारे हाथी घाट स्थित विशेष कुंड में वैदिक रीति से उनका विसर्जन किया गया। उन्होंने कहा कि दिवाली पर लोग नए वस्त्र, उपहार और नई मूर्तियां लाते हैं, लेकिन अक्सर पुरानी मूर्तियां पीपल के पेड़ों के नीचे, रास्तों के किनारे या कूड़े के ढेर में छोड़ दी जाती हैं, जो हमारी आस्था का अपमान है। ब्राह्मण परिषद हर साल यह अभियान चलाती है, ताकि त्यागी गई मूर्तियों का विधिपूर्वक विसर्जन किया गया। पिछले वर्ष की तरह हमने विभिन्न स्थानों से मूर्तियां एकत्र कर हजारों गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियों के जोड़ों का विसर्जन किया। इस अवसर पर प्रांजल भारद्वाज, राजेंद्र शर्मा, प्रमोद गुप्ता, सुनील दत्त शर्मा, आरके पांडे, नरेंद्र कुमार शर्मा, प्रवीण शर्मा मणि दुबे अशोक राजपूत आदि लोग मौजूद रहे।

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