आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं को अब पहले से अधिक पोषण वाली नई रेसिपी मिलेंगी। इन उत्पादों को आयु वर्ग और जरूरत के अनुसार दिया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या ने बताया कि पहले पुष्टाहार में तेल, दाल और दलिया मिलता था। अब छह प्रकार के रेसिपी आधारित उत्पाद निर्धारित किए गए हैं। इनमें शिशु अमृत, बाल पुष्टिकर और संपूर्ण मातृ आहार जैसे नाम शामिल हैं। अतिकुपोषित बच्चों को विशेष ऊर्जा युक्त हलवा मिलेगा। मार्च से पुष्टाहार वितरण रुका हुआ था, लेकिन जून से नई पौष्टिक रेसिपी आनी शुरू हो गई हैं। ये जल्द ही 3,03,442 लाभार्थियों को वितरित की जाएंगी। एसएन मेडिकल कॉलेज की डायटिशियन मिनी शर्मा ने बताया कि बच्चों के लिए आटा बेसन हलवा अधिक पौष्टिक होता है।