लंबे समय तक कंप्यूटर-लैपटॉप के उपयोग से गर्दन की मांसपेशियां जकड़ रही हैं। इससे गर्दन में दर्द हो रहा है। कई बार लोग खुद ही कॉलर लगाने के साथ तकिया का उपयोग भी बंद कर देते हैं। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। हड्डी रोग विशेषज्ञों के पास ओपीडी में आने वाले 25 फीसदी मरीजों की गर्दन, कमर, कंधे और पीठ में दर्द की परेशानी मिलती है। इनमें 80 फीसदी युवा हैं। इनमें ये परेशानी आड़े-तिरछे बैठकर या लेटकर मोबाइल-टीवी देखने, लंबे समय तक एक ही स्थिति पर लैपटॉप-कंप्यूटर पर कार्य करने से हो रही है। उम्रदराज में गर्दन की हड्डी घिसने से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की परेशानी बन रही है। दर्द रहने पर कॉलर खुद से न लगाएं और तकिया का उपयोग भी बंद न करें।