हम ताजियों का जुलूस निकाल रहे थे। इस कारण नारे लगाते हुए गए थे। हमसे फलस्तीन के नारे लग गए। यह गलती हो गई। हम कान पकड़कर माफी मांगते हैं। भविष्य में दोबारा ऐसी गलती नहीं करेंगे। फतेहपुर सीकरी कसबा में मुहर्रम के जुलूस के दौरान बुधवार को युवाओं ने फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए थे। पुलिस ने मामले में बृहस्पतिवार को 14 युवकों को गिरफ्तार किया। इनसें थाने में माफी मंगवाई गई। युवकों को भी अपनी गलती का अहसास था। उनका वीडियो भी बनाया गया।
फतेहपुर सीकरी में बुधवार शाम को मुख्य बाजार से मुहर्रम का जुलूस निकला था। बुलंद दरवाजा के पास स्थित बस्ती के युवक ताजिये लेकर तेहरा गेट करबला में जा रहे थे। मुख्य बाजार में पहुंचने पर युवकों ने फलस्तीन के समर्थन में नारे लगाए थे। इसका वीडियो वायरल होने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया था।
वीडियो में नारे लगा रहे युवाओं की पहचान कर पुलिस ने कासिम, बंटी, राहुल कुरैशी, मोसिन, सोहिल, मुक्को उर्फ मुकीम और वकील बिरयानी के बेटे और अन्य 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। रात में ही दबिश देकर पुलिस ने 7 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। बृहस्पतिवार को 7 अन्य लोगों को भी चिह्नित कर पकड़ा गया। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई की है।
सावर्जनिक रूप से मांगी माफी
इससे पूर्व सभी 14 आरोपियों ने सार्वजनिक रूप से थाना परिसर में इस गलती के लिए माफी भी मांगी। मुहर्रम के जुलूस में फलस्तीन की अल अक्सा मस्जिद के प्रतिरूप ताजिये के साथ युवाओं ने फिलिस्तीन समर्थन के नारे ही नहीं। बल्कि फिलिस्तीन के लाल झंडे भी लहराए। फिलिस्तीन से संबंधित साइनेज का भी प्रदर्शन किया गया।
इन पर हुई कार्रवाई
पुलिस की ओर से नामजद किए गए आरोपियों में राहुल कुरैशी एक पार्टी का युवा नगर अध्यक्ष बताया जा रहा है। वहीं, कासिम बीएससी का छात्र है। इमरान चाऊमीन बेचता है। शौकीन सब्जी बेचता है। जुबेर एवं नदीम भी छात्र हैं। पुलिस ने राहुल (22), अब्दुल (19), मोहम्मद जुनैद (19), इमरान (22), शौकीन (23), जुबैर (20), अल्ताफ (20), कपिल (18), मुकीम, कासिम (20), आशिक (20),नदीम (20), चांद (20), मोसिन (20) को हिरासत में लेकर शांतिभंग की कार्रवाई की है।