आगरा के रुनकता के गांव लोह करेरा में जन्माष्टमी पर कुट्टू के आटे से बनी पकौडी खाना पूरे परिवार को भारी पड़ गया। जन्माष्टमी व्रत में घर के 5 सदस्यों ने फलाहार के रूप में कुट्टू के आटे का प्रयोग किया और कुछ घंटे बाद सभी की तबीयत खराब होने लगी। एक साथ परिवार के सभी लोगों की तबीयत खराब होने की जानकारी जब पडोसियों को लगी तो उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को फोन कर एंबुलेंस की मांग की। पीड़ितों का आरोप है कि कई घंटे इंतजार करने के बाद भी सरकारी सहायता नहीं मिली तो गांव के ही झोलाछाप से दवा ली तब जाकर उन्हें आराम मिला।