एसएन मेडिकल कॉलेज में बाहरी व्यक्ति से ईसीजी कराने और 300 रुपये वसूलने की मामले की जांच पूरी हो गई है। कमेटी ने रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है। शुक्रवार को इसमें कार्रवाई तय होगी। सूत्रों की मानें तो इसमें जूनियर डॉक्टर की लापरवाही सामने आई है। जांच के बाद उसे 15 दिन के लिए चिकित्सकीय कार्य से हटा दिया है। तीमारदार ने खुद ही बाहरी व्यक्ति बुलाकर ईसीजी कराई थी। हड्डी रोग विभाग में मरीज के ईसीजी बाहरी व्यक्ति के कराने और 300 रुपये लेने की शिकायत की तीन सदस्यीय समिति ने दो दिन जांच की। इसमें चिकित्सक, स्टाफ और तीमारदार के बयान दर्ज किए हैं। इसमें कमेटी ने पाया कि मरीज की इमरजेंसी में निशुल्क ईसीजी हुई थी। विभाग में शिफ्ट होने के बाद नए सिरे से तीमारदारों को ईसीजी कराने के लिए कहा। तीमारदार से मरीज को लेकर एसएन के ईसीजी कक्ष जाने को कहा, लेकिन परेशानी को देखते हुए उसने निजी सेंटर के कर्मचारी को बुलाकर ईसीजी करा दिया। इसका अन्य मरीज के तीमारदार ने वीडियो भी बना लिया। इसमें जूनियर डॉक्टर को चिकित्सकीय कार्य से निलंबित करने की संस्तुति की है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि रिपोर्ट प्राप्त हो गई है, इसका अध्ययन कर रहा हूं। शुक्रवार को रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।