आगरा के नगर निगम में यूनिपोल और बाॅक्स टेंडर के नाम पर करोड़ों के घोटाले के आरोपों के बाद महापौर हेमलता दिवाकर और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच एक और मुद्दे पर टकराव सामने आया है। महापाैर ने पिछले सप्ताह पत्र लिखकर 23 मार्च को नगर निगम सदन की आम सभा बुलाने का एलान किया था, लेकिन नगर आयुक्त और निगम सचिवालय की ओर से न तो एजेंडा जारी किया गया और न ही किसी पार्षद को बैठक की जानकारी दी गई। अब महापौर कार्यालय ने अपने स्तर से पार्षदों को सोमवार को होने वाली बैठक की जानकारी देकर बुलावा भेजा है। बसपा व कांग्रेस के पार्षद लंबे समय से महापाैर पर सदन की आम सभा बुलाने का दबाव बना रहे थे। भाजपा के भी कई वरिष्ठ पार्षदों ने जल कर को लेकर विशेष सदन बुलाने का प्रस्ताव महापाैर को साैंपा था। दबाव के बावजूद बैठक टलती रही। पिछले सप्ताह बैठक बुलाने के लिए महापौर ने नगर आयुक्त को पत्र लिखा था। इसी बीच महापाैर ने शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से लखनऊ में मुलाकात कर किसी एजेंसी से नगर निगम में हो रहीं अनियमितताओं की जांच की मांग कर दी। महापाैर और नगर आयुक्त के बीच चल रही खींचतान मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद रार और बढ़ गई है। ऐसे में बैठक के हंगामेदार होने के आसार दिख रहे हैं। यही वजह है कि नगर निगम प्रशासन सदन की बैठक टालने के लिए संसद सत्र चलने का हवाला दे रहा है। बैठक टालने के लिए मंडलायुक्त भी महापौर को सुझाव दे चुके हैं, लेकिन महापाैर हर हाल में सदन की बैठक बुलाना चाहती हैं। अब बिना एजेंडा और सूचना दिए होने वाली बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा होगी, यह बैठक में ही पता चलेगा।