आगरा। दवा माफिया फर्जी बिल और निरस्त लाइसेंस से नकली-सैंपल और सरकारी दवाओं की तस्करी करते थे। करोड़ों रुपये की दवाओं को कई राज्यों में खपा दिया गया। इन दवाओं की बिक्री के लिए 30 फीसदी तक कमीशन भी दिया जाता, जिससे ये रैकेट कई राज्यों में फैल गया। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की जांच में ये पकड़ में आने के बाद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है।