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VIDEO: अधूरी नींद और तनाव से मस्तिष्क हो रहा बीमार, चिकित्सकों ने किया आगाह

Arun Parashar Updated Wed, 22 Jul 2026 06:39 PM IST

बदलती जीवनशैली, लगातार तनाव और अधूरी नींद के कारण लोगों के मस्तिष्क पर गंभीर असर पड़ रहा है। न्यूरो सर्जन के अनुसार, पहले ब्रेन स्ट्रोक अधिक उम्र की बीमारी थी, लेकिन अब 35 से 50 वर्ष के लोगों में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। न्यूरोलॉजिस्ट का कहना है कि शुरुआती लक्षण पहचान कर समय पर इलाज से गंभीर खतरों को टाला जा सकता है। एसएन मेडिकल कॉलेज के न्यूरो सर्जन डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि एसएन की ओपीडी में हर महीने 50 से 60 मरीज ब्रेन स्ट्रोक के आ रहे हैं। मरीज के अस्पताल देर से पहुंचने पर इलाज जटिल हो जाता है। स्ट्रोक के बाद शुरुआती 4-5 घंटे उपचार के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस दौरान इलाज मिलने पर मरीज को स्थायी विकलांगता से बचाया जा सकता है। शोध बताते हैं कि इलाज में हर मिनट की देरी से लगभग 19 लाख ब्रेन कोशिका नष्ट हो सकते हैं। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, धूम्रपान, तंबाकू, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, लगातार तनाव और छह घंटे से कम नींद स्ट्रोक का खतरा बढ़ाते हैं।

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