फास्ट-जंक फूड के बढ़ते चलन से बच्चों के पेट में केमिकल जमा हो रहा है। पेट में संक्रमण और हर तीसरे बच्चे में बौनापन की दिक्कत मिल रही है। आवास विकास कॉलोनी स्थित होटल में आयोजित कार्यशाला में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के चिकित्सकों ने इस पर चिंता जताई है। डॉक्टरों ने टीकाकरण, पौष्टिक भोजन और शारीरिक गतिविधियां बढ़ाने पर जोर दिया। दिल्ली के डॉ. ललित मेंहदीरता ने कहा कि घरों में पेटीज, चाऊमीन, बर्गर, पैकेट-डिब्बा बंद भोजन और शीतलपेय का चलन तेजी से बढ़ा है। इनमें कई तरह के केमिकल होते हैं, जो धीरे-धीरे शरीर में जमा हो रहे हैं। दाल, हरी सब्जी, फल-सलाद समेत स्वस्थ भोजन से दूरी और खेलकूद भी कम होने से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित हो रहा है। करीब 32 फीसदी में तय वजन से कम है, 35 फीसदी में बौनेपन के लक्षण हैं, करीब 20 फीसदी में ये दोनों दिक्कतें मिल रही हैं।