आठ टीमों के खिलाड़ियों ने खो-खो, कबड्डी, रस्साकशी, गिल्ली-डंडा, सतोलिया और पिट्टू समेत कई खेलों में दिखाया दम, शारीरिक शिक्षा विभाग समग्र चैंपियन बना। आगरा। आधुनिक खेलों के बढ़ते प्रभाव के बीच डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस परिसर (छलेसर) में शुक्रवार को भारतीय परंपरागत खेलों की अनूठी छटा देखने को मिली। खो-खो, कबड्डी, रस्साकशी, गिल्ली-डंडा, सतोलिया, पिट्टू और लंगड़ी टांग जैसे खेलों में खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लेकर न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि भारतीय खेल संस्कृति को भी जीवंत कर दिया।