अधिकारियों को जांच में दोपहिया वाहनों के टायर के अलावा ऑटो पार्ट्स का कोई स्टॉक नहीं मिला। विभाग ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि फर्म के डायरेक्टर ने अपनी ही दूसरी फर्म मेसर्स संजय कुमार तरुण कुमार से कागजों में ऑटो पार्ट्स की खरीद दिखाकर नेपाल की फर्मों को एक्सपोर्ट दिखाया।