आगरा। उमस और गर्मी से बचने के लिए यदि आप भी दिन-रात कमरा बंद कर कूलर या एसी में बैठ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। इस मौसम में घरों के अंदर का बढ़ा तापमान और हवा की अत्यधिक नमी बैक्टीरिया और फंगस पनपने का बड़ा जरिया बन रही है। इससे सांस और त्वचा के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. यतेंद्र चाहर ने बताया कि बंद कमरों में लगातार कूलर चलाने से हवा में नमी का स्तर 80 फीसदी से ऊपर चला जाता है। ऐसे में कूलर की घास और उसके गंदे पानी में फंगस और बैक्टीरिया फैलते हैं। कमरे में हवा की आवाजाही न होने के कारण यह दूषित हवा बाहर नहीं निकल पाती और लोग इसी कारण डर्माटोफाइट त्वचा संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।