मथुरा के वृंदावन स्थित दक्षिण भारतीय परंपरा के रंगनाथ मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय मां गोदम्मा के विवाहोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को भात दिया गया। इस अवसर पर फल, मेवा, शृंगार का सामान, वस्त्र आदि अर्पित किए गए। चांदी पालकी में विराजमान होकर मां गोदम्मा पौंडानाथ स्थित शेषशायी भगवान विष्णु के समक्ष पहुंचीं, जहां भगवान विष्णु की माला उनको पहनाई गई। यहां से परंपरागत वाद्य यंत्रों की मधुर धुन और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर प्रांगण में भ्रमण करते हुए बारहद्वारी स्थित मंडप में पहुंची, जहां उनको झूला झुलाया गया। इसके बाद परंपरा का विधिवत निर्वहन करते हुए मंदिर के गोवर्धन पीठाधीश्वर रंगाचार्य की ओर से भात दिया गया।